ICC वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी स्टार ऑलराउंडर एलिस पेरी को लेकर बड़ा संकेत दिया है। टीम मैनेजमेंट ने साफ किया है कि अगर पेरी पूरी तरह फिट नहीं भी हो पाती हैं, तब भी उन्हें खिताबी मुकाबले में उतारने पर विचार किया जा सकता है। वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर अनुभवी खिलाड़ियों की अहमियत को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया कोई जोखिम लेने से पीछे नहीं हटना चाहता।
ऑस्ट्रेलिया की मुख्य कोच शेली निट्शके ने 2 जुलई को मीडिया से बातचीत में कहा कि पेरी की फिटनेस को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सेमीफाइनल के बाद टीम ने अभ्यास भी नहीं किया है, इसलिए उनकी स्थिति का पूरा आकलन अभी बाकी है। हालांकि, टीम को उम्मीद है कि फाइनल तक वह खेलने के लिए तैयार हो जाएंगी। पेरी वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल में बल्लेबाजी के दौरान चोट के कारण मैदान से बाहर चली गई थीं। टीम ने इसे एहतियाती कदम बताया था। ऑस्ट्रेलिया के अनुसार उनकी क्वाड में हल्की परेशानी महसूस हुई थी, इसलिए उन्हें आगे खेलने का जोखिम नहीं दिया गया।
टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल बल्लेबाज
शेली निट्शके ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो टीम पेरी को पूरी तरह फिट हुए बिना भी मैदान पर उतार सकती है। उन्होंने माना कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में फैसले सामान्य मैचों से अलग होते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पेरी खुद भी तभी खेलना चाहेंगी जब उन्हें लगे कि वह बल्लेबाजी, फील्डिंग और विकेटों के बीच दौड़ने में टीम के लिए प्रभावी योगदान दे सकती हैं। एलिस पेरी इस पूरे टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने अब तक 185 रन बनाए हैं। उनका औसत 46.25 और स्ट्राइक रेट 135.03 रहा है। पाकिस्तान और भारत के खिलाफ उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़े थे। खासकर भारत के खिलाफ मुश्किल परिस्थिति में खेली गई उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया को यादगार जीत दिलाई थी।
ऑस्ट्रेलिया की नजर 7वें खिताब पर
गौरतलब है कि 2020 ICC वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप कप के फाइनल में पैरी हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट के कारण नहीं खेल सकी थीं। ऐसे में इस बार ऑस्ट्रेलिया चाहेगा कि उसकी सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल पैरी खिताबी मुकाबले में टीम का हिस्सा बनें। ऑस्ट्रेलिया पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में नजर आया है। टीम की बल्लेबाजी में चार खिलाड़ियों ने मिलकर 7 अर्धशतक लगाए हैं, जबकि जॉर्जिया वेयरहैम ने 182.22 की स्ट्राइक रेट से तेज रन बनाए हैं। गेंदबाजी में भी ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। 20 साल की बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन भले ही अब तक कोई विकेट नहीं ले सकी हों, लेकिन उन्होंने 11 ओवर में सिर्फ 4.45 की इकॉनमी से रन देकर विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक सबसे ज्यादा 6 बार T20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। अब टीम की कोशिश 7वां खिताब जीतने पर टिकी हैं।
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